कर्जतमध्ये राष्ट्रवादीला खिंडार, असंख्य कार्यकर्ते शिवसेनेत

सामना ऑनलाईन । कर्जत

राष्ट्रवादीचे आमदार सुरेश लाड यांच्या मनमानी कारभाराला कंटाळून राष्ट्रवादीचे कर्जत तालुक्यातील प्रमुख पदाधिकारी आणि रायगड जिल्हा परिषदचे माजी अध्यक्ष सुरेश टोकरे यांनी आज असंख्य कार्यकत्र्यांसह शिवसेनेत प्रवेश केला. शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे यांनी हाती भगवा झेंडा देऊन त्यांचे स्वागत केले.

सुरेश टोकरे यांनी आयोजित केलेल्या कबड्डी लिगचे उद्घाटन शिवसेनेचे खासदार श्रीरंग बारणे यांच्या हस्ते झाले. त्यानंतर बारणे यांच्यासह टोकरे व त्यांचे कार्यकर्ते मातोश्री निवासस्थानी दाखल झाले. उद्धव ठाकरे यांनी त्यांना शिवबंधन बांधले. शिवसेना रायगड जिल्हा संपर्कप्रमुख संजय मोरे, शिवसेना रायगड जिल्हा सल्लागार बबन पाटील, जिल्हाप्रमुख आमदार मनोहर भोईर, उपजिल्हाप्रमुख महेंद्र थोरवे, मतदारसंघ संघटक संतोष भोईर, तालुकाप्रमुख संभाजी जगताप, संघटक राजेश जाधव, उपतालुकाप्रमुख दशरथ भगत, नेरळ शहरप्रमुख रोहिदास मोरे, उपशहरप्रमुख बंडू क्षीरसागर उपस्थित होते. टोकरे यांच्यासह अरुण कराळे, शरद हजारे, पंचायत समितीचे माजी सभापती अनंत धुळे, सुनील रसाळ, सुनील बांगारे, भगवान कराळे, शिवराम बधे यांच्यासह राष्ट्रवादीच्या असंख्य कार्यकत्र्यांनी शिवसेनेत प्रवेश केला.

  • Vinod

    असंख्य ??? नक्की आकडा सांगा ना. काही शे-दोनशे संख्या म्हणजे असंख्य होत नाही !!!

  • Girish Jahagirdar

    एनसीपी और राणे को महाराष्ट्र में कोई पूछता नहीं, अगर भाजपा एनसीपी को मित्र बनाना चाहती है, तो इससे उचित होता है की भरस्ट पार्टी के करीब भाजपा जा रही है , उन्हें सफलता नहीं मिलेगी, एनसीपी ने कांग्रेस के साथ दोस्ती की शुगर लोब्बी की वजहसे , वरना उन्हें राज्य में कभी सत्ता नहीं मिलती थी , निनीतिन गड़करीने उनके cm के दौरान बालासाहेब और राज के बिच झगड़ा लगाके शिवसेनामे फुट बनाई , अब भाजपा उद्धव और सेना में राणे और एनसीपी का हाथ पकड़के फुट दाल ने की कोशिश कर रही है, अभीभी बम्बई और महाराष्ट्र की जनता शिवसेना को मानती है, भाजपा की गलत फेमि है , जब शिवसेना अलग लढ़नेकी बात कर रही तो उनका विश्वास ज्यादा है अपने पर , अगर कांग्रेस ने उनको साथ दिया तो उनको और मजबूती महाराष्ट्र में आएगी , एनसीपी को १०/१५ सीट भी नहीं मिल पायेगी , खुद बारामती में पवार घरको विरोध है, कोंकण में शिवसेना मजबुतीसे खड़ी है, राणे का अस्तित्व नहीं है, खूंद राणे मुंबई में चुनाव हर गए है, २०१९ में भी उन्हें कांग्रेस और महाराष्ट्र की जनता हरा सकती है, क्युकी वह खूंद भ्रस्ट है, शरद और अजित को जनता वोट नहीं देगी, भाजपा ऐसे लोगो को नजदीक करके खुद गड़े में गिर रही है, राणे को नजदीक करके कोंकण में सुरेश प्रभुजी को निचे देख रही है,राज और उद्धव एक होजाएगे तो एनसीपी राणे कही के नहीं रहेंगे , और कोन्ग्रेस्स उन्हें साथ देगी तो भाजपा को सीट ज्यादा नहीं मिलेंगे , राणे को उनके गली में कोई पूछता नहीं , विज़िनसे से उन्हें कांग्रेस ने बाहर का दरवाजा दिखया है, राणे खाली इम्प्रेस करने लगे है, उनकी राजकरण में दबा दबा कम हुई है, आलरेडी वे ना घर का ना घाट का हो गए है, भाजपा ने उनको मांमाँ बनाया है , उन्हें महाराष्ट्र में एमएलसी के नाते भी मंत्री में शामिल नहीं किया , दशहरा , दिवाली गई आज शिमगा होली का बोम्ब हुआ तो भी और भाजपा ने उनका बारा बजाया तो भी उन्हें पता नहीं पड़ा , मांझी का बिहार में हाल देख रहे है , भाजपने उनका कचरा किया वही राणे का हुआ है, और होरहा है, राणे ेएक छिपकली है, मगर के सामने उन्हें हमेशा हार की ही सामना करना पड़ेगा , शिवसेना छोडनेके बाद कांग्रेस की वजहसे थोड़ी बहुत पहचान थी, अभी भाजपा के मित्र के नाते छोटा घटक है, २०१९ में जनता ने उन्हें नाकारा तो भाजप उनकी साथ छोड़ देगा , अभी भी राज्य सभा में गए तो भी मंत्री बनाना आउट ऑफ़ क्वेश्चन हैवी वेटिंग लिस्ट , अगर भाजपा कर्णाटक में हार या जीतती है तो भी २०१९ के लिए उनको आरएसएस के उमीद्वारको मंत्री पद देना पड़ेगा , आजकल आया राम गया राम को कोई वैल्यू नहीं और जनता ही उन्हें नकारेगी , अगर राणे को भाजपा का वॉचमन के रूप में दिल्ली में जाना चाहते है दिल्ली की पॉलिटिक्स उन्हें चैन की नींद नहीं लेने देंगे , गडकरीजी का भी यही हाल है, नितीश जैसे अगर राणे को उनकी फाइल बंद करनी है तो उनकी गलत फेमि है, कानून के हाथ बहुत लम्बे है, सभी कुछ उपरवाले के हाथ में है, अगर राणे इन्द्राजी के सपने देख रहे डिवाइड और रूल उन्हें सिंधुदुर्ग में भी अभी भी नहीं पूछ रहे , भविष्य में भी नहीं, उनका पॉलिटिक्स में उतार चालू हुआ है, मराठी में कहावत है, हातचे सोडून पलट्याच्या मागे जाने , राणे जी अभी विनाश काले विपरीत बुद्धि में है, मुड़े फॅमिली का हाल उनोने देखा ही होगा पवारने कैसे बारा बजा दिया ? वैसे पवार वक्त आने पर राणे का भी बैंड बजाने में आगे पीछे नहीं देखेंगे , और ओह UPA में रह चुके है, अमित , राणे का थर्ड शो देर रात मीटिंग को कभी भी सुरंग लगा सकते सोनियाजी और कांग्रेसी , चाहे सत्ता मिले ना M